

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा हमीरपुर। बीते नौ साल पहले तीन ग्राम पंचायों सिचौली, रागौल फत्तेपुर के मौदहा नगरपालिका में विलय के साथ फत्तेपुर ग्राम पंचायत का मजरा काछिन डेरा अकेला छूट गया जिसे न तो नगरपालिका में सम्मिलित किया गया और न निकटवर्ती ग्राम पंचायत में, जिससे इस मजरा के निवासियों की समस्याएं बढ गई हैं।
नौ साल पहले ग्राम पंचायत का विलय होने से उपजी समस्या
कभी फत्तेपुर ग्राम पंचायत का मजरा रहे काछिन डेरा के दर्जनों ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि, उनकी ग्राम पंचायत फत्तेपुर का 2017में सीमा विस्तार के चलते मौदहा नगरपालिका में विलय हो गया था लेकिन उनका डेरा जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते छूट गया जिससे लगभग एक दशक बीतने के करीब हैं उनके डेरा में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं पहुंचा है। इतना ही नहीं उनके बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र भी नहीं जारी किए जा रहे हैं और उन्हें नगरपालिका और ब्लॉक के चक्कर लगवा दिया जाता है जबकि वास्तव में उन्हें स्वयं नहीं मालूम की काम कहाँ से होना है। वहीं चुनाव के समय नेता वोट डालने की जानकारी देने जरूर आ जाते हैं और वोटिंग के बाद कोई झांकने नहीं आता। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से जल्द ही समस्या का हल निकालने की मांग की है। इस दौरान जगमोहन, रामजीवन, गिरजा, बुद्धू,बालकिशन, राजेंद्र सहित एक दर्जन से अधिक ग्रामीण मौजूद रहे।
